Thematic Quran/ क़ुरआन का विषयवार अध्ययन: क़ुरआन की शिक्षाप्रद मिसालें [Parables]: तौरात [Torah] और इंजील [Gospel] में ईमानवालों की मिसाल:
क़ुरआन की शिक्षाप्रद मिसालें [Parables]:
तौरात [Torah] और इंजील [Gospel] में ईमानवालों की मिसाल:
मुहम्मद (सल.) अल्लाह के रसूल [Messenger] हैं।
जो लोग उनके पीछे चलनेवाले हैं, वे विश्वास न करनेवालों के प्रति सख़्त हैं और आपस में एक दूसरे के साथ रहम-दिल हैं। तुम उन्हें देखोगे कि अल्लाह के फ़ज़ल [bounty] की तलाश में और उसकी ख़ुशी की चाहत में वे रुकू [kneeling] और सज्दे [Prostrating] में झुके रहते हैं: उनके चहरों पर सज्दे (में बार-बार झुकने) के कारण निशान पड़ जाते हैं। तौरात [Torah] और इंजील [Gospel] में उनके बारे में इसी तरह दर्शाया गया है: जैसे किसी बीज से कोंपल निकलती है, फिर वह मज़बूत होती है, फिर बढ़कर मोटी हो जाती है, फिर अपने तने पर इस तरह सीधी खड़ी हो जाती है कि उसे उगाने वाले देखकर बहुत ख़ुश हो जाते हैं। इस तरह, अल्लाह उन (की तरक़्क़ी) से विश्वास न करनेवालों [काफ़िरों] के दिल जलाता है; जो लोग ईमान रखते हैं, और नेक व अच्छे कर्म करते हैं, उनके (गुनाहों की) माफ़ी के लिए और बहुत बड़े इनाम के लिए अल्लाह ने वादा कर रखा है। (48: 29)
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