Thematic Quran/ क़ुरआन का विषयवार अध्ययन: क़ुरआन के क़िस्से: इसहाक़ अलै.[Isaac]:
क़ुरआन के क़िस्से:
इसहाक़ अलै.[Isaac]:
अत: [ऐ ईमानवालो], तुम कहो, "हम ईमान रखते हैं अल्लाह पर और उस [क़ुरआन] पर जो हम पर उतारी गयी, और जो कुछ (शिक्षाएं) इबराहीम [Abraham], इसमाईल [Ishmael], इसहाक़ [Isaac], याक़ूब [Jacob] और उसकी औलाद की ओर भेजी गयीं, और साथ में जो कुछ मूसा [Moses] और ईसा [Jesus], और सारे नबियों को उनके रब की तरफ़ से दी गयीं। हम इनमें से किसी के बीच कोई अन्तर नहीं करते (कि इनमें से किसी को मानें और किसी को न मानें), और हम पूरी भक्ति से केवल उसी (अल्लाह) के आगे अपना सिर झुकाते हैं।" (2: 136)
(ऐ रसूल) आप कहें, "हम [मुस्लिम] अल्लाह पर ईमान रखते हैं और उस (किताब) पर जो हम पर उतारी गयी है, और उस पर भी जो इबराहीम [Abraham], इसमाईल [Ishmael],
इसहाक़ [Isaac], याकूब़ [Jacob] और उनकी सन्तान पर उतारी गयी। हम उस पर भी ईमान रखते हैं जो मूसा [Moses], ईसा Jesus], और दूसरे नबियों को उनके रब की तरफ़ से दिया गया। हम उन (नबियों) के बीच (दर्जे के हिसाब से) कोई अंतर नहीं करते। वह अल्लाह है, जिसके आगे हम ख़ुद को पूरी भक्ति से झुकाते हैं।" (3:
84)
[ऐ रसूल], हमने आपके पास 'वही' [revelation] भेजी है, जैसा कि हमने नूह [Noah] और उनके बाद आने वाले नबियों के पास भी ('वही') भेजी थी, इबराहीम [Abraham] को, इसमाईल [Ishmael] को, इसहाक़ [Isaac] को, याक़ूब [Jacob] और उसकी सन्तान को, ईसा [Jesus] को, अय्यूब [Job] को, यूनुस [Jonah] को, हारून [Aaron] को, और सुलैमान [Solomen] को भी भेजी ----- दाउद [David] को हमने किताब [ज़बूर / Psalm] दी ------ (4:
163)
और हमने उसे [इबराहीम को] इसहाक़ [Isaac] और याक़ूब [Jacob] दिए, उनमें से हर एक को सीधा मार्ग दिखाया, जैसे इससे पहले हमने नूह [Noah] को सीधा रास्ता दिखाया था, और उसके वंशजों में दाऊद [David], सुलैमान [Solomon], अय्यूब [Job], यूसुफ़ [Joseph], मूसा [Moses] और हारून [Aaron] थे------- इसी तरह अच्छा कर्म करने वालों को हम बदले में इनाम दिया करते हैं----- (6: 84)
इबराहीम की बीवी पास ही खड़ी थी, वह (ख़बर सुनकर) हँस पड़ी। (असल में) हमने उसको इसहाक़ [Isaac] (के पैदा होने) की ख़ुशख़बरी सुनायी थी, और इसकी कि इसहाक़ के बाद याक़ूब [Jacob] होगा। (11: 71)
(ऐ मेरे बेटे!) यह बात इस बारे में है कि किस तरह तेरा रब तुझे (नबी बनाने के लिए) चुन लेगा, तुझे (बातों और) ख़्वाबों का सही मतलब निकालना सिखाएगा और अपनी नेमतें [blessings] तुझ पर और याकूब के घरवालों पर उसी तरह पूरी करेगा, जिस तरह इससे पहले वह तेरे पूर्वज इबराहीम [Abraham] और इसहाक़ [Isaac] पर पूरी कर चुका है: तेरा रब सब कुछ जाननेवाला, बहुत समझ-बूझ रखनेवाला है।" (12:
6)
और हमने इबराहीम को (इस्माईल के बाद दूसरे बेटे) इसहाक़ की ख़ुशख़बरी दी--- एक नबी और सच्चे व अच्छे आदमी की --- (37: 112)
और हमने उसपर और इसहाक़ [Isaac] पर भी बरकतें [blessings] भेजीं: उनकी संतानों में से कुछ तो बहुत अच्छे थे, मगर कुछ खुलकर अपने आप पर बुराइयाँ करने वाले थे। (37: 113)
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