Thematic Quran/ क़ुरआन का विषयवार अध्ययन: क़ुरआन की शिक्षाप्रद मिसालें [Parables]: सदक़ा [charity] बेकार हो जाना:

 क़ुरआन की शिक्षाप्रद मिसालें [Parables]:


सदक़ा [charity] बेकार हो जाना:


ईमानवालो! तुम अपने दान ख़ैरात को एहसान जताकर और (बातों से) चोट पहुँचाकर उस आदमी की तरह बर्बाद करोजो लोगों को बस दिखाने के लिए अपना माल ख़र्च करता है और अल्लाह और अंतिम दिन पर ईमान नहीं रखता। ऐसे आदमी की मिसाल उस चट्टान जैसी है जिस पर कुछ मिट्टी की तह जमी हुई हो (जिस पर कुछ पौधे उग आते हैं): फिर जब ज़ोर की बारिश हुई (तो सब मिट्टीपौधा बह गए और) एक साफ़ (और सख़्त) चट्टान के सिवा कुछ बाक़ी रहा। ऐसे (दिखावा करनेवाले) लोगों को उनके (दान के) कामों के लिए कुछ भी इनाम नहीं मिलने वाला: अल्लाह (सच्चाई पर) विश्वास करनेवालों को सीधा रास्ता नहीं दिखाता।  (2: 264)

 

क्या तुममें से कोई भी यह चाहेगा कि उसके पास खजूरों के पेड़ों और अंगूरों की बेलों का एक बाग़ होजिसके नीचे नहरें बह रही होंऔर उसमें हर तरह के फल-फूल पैदा होते होंऔर फिर ऐसा हो कि जब बुढ़ापा जाए और उसके बच्चे अभी कमज़ोर ही होंकि अचानक उस बाग़ पर एक झुलसा देनेवाला बवंडर [whirlwind]  जाए और बाग़ जलकर वीरान हो जाएअल्लाह ऐसी ही मिसालों के द्वारा तुम्हारे सामने (सच्चाई की) निशानियों को स्पष्ट करता हैताकि तुम उन पर सोच-विचार करो।  (2: 266)

Comments

Popular posts from this blog

Thematic Quran: क़ुरआन के क़िस्से: हज़रत सुलैमान (अ‍लै.)/ Solomen (PBUH)

Thematic Quran: क़ुरआन के क़िस्से : हज़रत शुऐब (अलै.)

Thematic Quran: क़ुरआन के क़िस्से : हज़रत दाउद [David] (अलै.)