Thematic Quran/ क़ुरआन का विषयवार अध्ययन: शिक्षाप्रद मिसालें [Parables]: दोबारा ज़िंदा होकर उठना [Resurrection]:
क़ुरआन की शिक्षाप्रद मिसालें [Parables]:
दोबारा ज़िंदा होकर उठना [Resurrection]:
यह अल्लाह है जो हवाएं भेजता है,
जो उसकी आनेवाली बरकत [बारिश] की ख़ुशखबरी लेकर आती है, और जब वे ऊपर उठकर बोझल बादलों को इकट्ठा कर लेती है, तो हम उसे किसी मुर्दा ज़मीन की तरफ उड़ा ले जाते हैं, जहाँ उससे पानी बरसाते हैं, फिर उससे हर तरह की फ़सलें उग जाती हैं, ठीक इसी तरह,
हम मुर्दा लोगों को (धरती से) निकाल
खड़ा करेंगे. तो क्या तुम इस पर विचार नहीं करोगे? (7: 57)
लोगो! अगर तुम्हें (मर के) दोबारा जी उठने के बारे में कोई सन्देह हो तो (याद
रखो!), कि हमने तुम्हें (पहले) मिट्टी से पैदा
किया, फिर वीर्य [sperm] की बूंद से,
जो फिर जोंक की तरह सटी हुई चीज़ बन जाती है, फिर गोश्त का लोथड़ा बन जाता है जिसमें (कभी) पूरी शक्ल बन जाती
है और (कभी) पूरी नहीं बनती: यह इसलिए कि हम चाहते हैं कि हमारी शक्ति व क़ुदरत (के
करिश्मे) तुम्हारी समझ में ठीक से आ जाएं। फिर जिस वीर्य को हम चाहते हैं, उसे (औरत के) गर्भ में एक नियत समय तक ठहराए रखते हैं, फिर तुम्हें एक बच्चे के रूप में बाहर लाते हैं और फिर तुम
बड़े होते हुए अपनी जवानी की अवस्था को पहुँच जाते हो। तुममें से कुछ लोग तो
(बुढ़ापे से) पहले ही मर जाते हैं,
और कुछ लोग (बुढ़ापे की) इतनी उम्र तक ज़िंदा बचे रहते हैं कि जो कुछ वे जानते
थे, सब भुला बैठते हैं। कभी कभी तुम देखते
हो कि ज़मीन सूखी-बेजान पड़ी है,
फिर जब हम उसपर पानी बरसा देते हैं,
तो अचानक लहलहाने और उभरने लगती है और उसमें हर क़िस्म की ख़ुशनुमा चीज़े उग आती
हैं: (22: 5)
उसकी अन्य निशानियों में यह भी है: तुम देखते हो कि धरती (सूखे से) मुरझाई
पड़ी है; फिर ज्यों ही हमने उस पर
पानी बरसाया कि उसमें हलचल आ गयी और फिर फलने-फूलने लगी। हक़ीक़त यह है कि जिसने उस
(मुरझाई हुई) धरती को फिर से ज़िंदा कर दिया, वही मुर्दों को भी (क़यामत में दोबारा) ज़िंदा करने वाला है। वह हर चीज़ (करने)
की ताक़त रखता है। (41: 39)
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