आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता: बड़े गुनाह: (बे-वजह) क़त्ल करना:

 आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता:


बड़े गुनाह:


(बे-वजह) क़त्ल करना:


[ रसूल!] उनसे कहें, "आओ! मैं तुम्हें बताता हूँ कि तुम्हारे रब ने तुम्हें क्या क्या करने से मना किया है। किसी भी चीज़ को अल्लाह का साझेदार [Partner] ठहराओ; अपने माँ-बाप के साथ अच्छा सलूक करो; ग़रीबी की डर से अपने बच्चों को मार डालो----  हम तुम्हें भी रोज़ी देंगे और उन्हें भी----- अश्लील कामों [Indecencies] से अपने आपको बिल्कुल दूर रखो, चाहे वे खुल्लम-खुल्ला हों या छिप-छिपकर हों; बे-वजह किसी की जान मार डालो, जिसे अल्लाह ने हराम ठहरा दिया है सिवाय इसके, कि अपने (क़ानूनी) हक़ के लिए ऐसा करना पड़े। ये वह बातें है, जिन्हें करने का अल्लाह तुम्हें हुक्म देता है: शायद कि तुम समझ-बूझ से काम लो। (6: 151)


किसी जीव की हत्या करो, जिसे (मारना) अल्लाह ने हराम ठहरा दिया है, सिवाय इसके कि जब (क़ानून ने हत्या करने का) अधिकार दिया हो: अगर किसी बेगुनाह की अन्यायपूर्वक हत्या की गई हो, तो उसके वारिस को हमने अधिकार दे दिया है (कि वह हत्यारे से बदला ले सकता है), मगर उसे जान लेते समय ज़्यादती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि (अल्लाह ने) पहले ही उसकी मदद कर दी है। (17: 33)

 

Comments

Popular posts from this blog

Thematic Quran: क़ुरआन के क़िस्से: हज़रत सुलैमान (अ‍लै.)/ Solomen (PBUH)

Thematic Quran: क़ुरआन के क़िस्से : हज़रत शुऐब (अलै.)

Thematic Quran: क़ुरआन के क़िस्से : हज़रत दाउद [David] (अलै.)