आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता: बड़े गुनाह: ज़रूरी [फ़र्ज़] नमाज़ को नज़रअंदाज़ करना:
आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता:
बड़े गुनाह:
ज़रूरी [फ़र्ज़] नमाज़ को नज़रअंदाज़ करना:
मगर फिर उनके बाद ऐसे बुरे लोगों की कई पीढ़ियां गुज़रीं, जो नमाज़ की (हक़ीक़त) को भुला बैठे और मन की इच्छाओं के पीछे बढ़ चले। अतः जल्द ही ऐसा होगा कि उनकी गुमराही (के नतीजे) उनके सामने आ जाएं, (19: 59)
मगर हां, जो कोई (गुनाहों से) तौबा कर ले, (सच्चाई पर) विश्वास कर ले, और अच्छे कर्मों में लग जाए, तो बेशक ऐसे लोगों के लिए कोई डरने की बात नहीं। वे जन्नत में प्रवेश करेंगे। उनके हक़ के साथ थोड़ी सी भी नाइंसाफी नहीं होगी: (19: 60)
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