आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता: बड़े गुनाह: अपने माँ-बाप को बुरा-भला कहना:
आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता:
बड़े गुनाह:
अपने माँ-बाप को बुरा-भला कहना:
अल्लाह की बन्दगी करो; उसके साथ किसी और को साझेदार [Partner] न बनाओ। अच्छा व्यवहार करो अपने माँ-बाप के साथ, रिश्तेदारों, अनाथों और ज़रूरतमंदों के साथ, नज़दीक और दूर में रहने वाले पड़ोसियों के साथ, पास के बैठेने-उठनेवालों के साथ, ज़रूरतमंद मुसाफ़िरों के साथ, और अपने ग़ुलामों के साथ। अल्लाह घमंड करनेवालों को और डींगें मारने वालों को पसन्द नहीं करता, (4: 36)
[ऐ रसूल!] उनसे कहें, "आओ! मैं तुम्हें बताता हूँ कि तुम्हारे रब ने तुम्हें क्या क्या करने से मना किया है। किसी भी चीज़ को अल्लाह का साझेदार [Partner] न ठहराओ; अपने माँ-बाप के साथ अच्छा सलूक करो; ग़रीबी की डर से अपने बच्चों को न मार डालो---- हम तुम्हें भी रोज़ी देंगे और उन्हें भी----- अश्लील कामों [Indecencies] से अपने आपको बिल्कुल दूर रखो, चाहे वे खुल्लम-खुल्ला हों या छिप-छिपकर हों; बे-वजह किसी की जान न मार डालो, जिसे अल्लाह ने हराम ठहरा दिया है सिवाय इसके, कि अपने (क़ानूनी) हक़ के लिए ऐसा करना पड़े। ये वह बातें है, जिन्हें करने का अल्लाह तुम्हें हुक्म देता है: शायद कि तुम समझ-बूझ से काम लो। (6: 151)
आपके रब ने आदेश दिया है कि तुम उसके सिवा किसी की बन्दगी न करो, और यह कि माँ-बाप के साथ अच्छा व्यवहार करो। अगर उनमें से कोई एक या दोनों ही तुम्हारे सामने बुढ़ापे को पहुँच जाएँ, तो (अपना धीरज खोते हुए) उन्हें 'उफ़'! तक न कहो और न उनके साथ कठोरता से पेश आओ, बल्कि उनसे आदर के साथ बात किया करो, (17: 23)
Comments
Post a Comment