आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता: बड़े गुनाह: ज़कात [Alms-tax] नहीं देना:
आने वाली दुनिया [आख़िरत] में जाने का रास्ता:
बड़े गुनाह:
ज़कात [Alms-tax] नहीं देना:
[ऐ रसूल] आप कह दें, "मैं तो तुम्हारे जैसा ही एक इंसान हूँ, (मगर) मुझ पर यह बात उतारी गयी है कि तुम्हारा ख़ुदा असल में एक ही ख़ुदा है। अतः तुम उसी (ख़ुदा) की ओर जाने वाले सीधे रास्ते को अपनाओ और उसी से (गुनाहों की) माफ़ी माँगो। बड़ी तबाही है उन [मुशरिकों/Idolaters] की, जो एक अल्लाह के साथ (दूसरों को) उसका साझेदार [Partner] ठहराते हैं, (41: 6)
जो ज़कात [दान] नहीं देते और आने वाली दुनिया [आख़िरत/Hereafter] को मानने से इंकार करते हैं! (41: 7)
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