Thematic Quran/ क़ुरआन का विषयवार अध्ययन: सामाजिक विषय: शिष्ट्ता/भद्र्ता [Decency] :
सामाजिक विषय:
शिष्ट्ता/भद्र्ता [Decency] :
ऐ आदम की सन्तान! हमने तुम्हें कपड़ा दिया है ताकि तुम अपने नंगेपन को छिपा सको और यह तुम्हारे सजने-संवरने का साधन भी है; (मगर अपने भीतर की बुराई छिपाने के लिए) परहेज़ का कपड़ा सब कपड़ों में बेहतर है: यह अल्लाह की निशानियों में से है ताकि वे ध्यान दे सकें। (7: 26)
यह अल्लाह है जिसने अपनी पैदा की हुई चीज़ों से तुम्हारे लिए छाँव बनायी और पहाड़ों में पनाह लेने की जगहें बनायीं; ऐसे कपड़े दिए जो तुम्हें गर्मी से बचाते हैं और कुछ ऐसे भी (लोहे के) कपड़े दिए जो युद्ध में तुम्हारे लिए बचाव का काम करते हैं। इस तरह, अल्लाह तुम पर अपनी नेमतें [blessings] पूरी करता है, ताकि तुम पूरी भक्ति से उसके आगे झुक सको। (16: 81)
(ऐ रसूल), ईमान रखनेवाले मर्दों से कह दें कि (परायी औरतों के सामने) अपनी नजरें नीची रखा करें, और अपने गुप्त अंगों (private
parts) को क़ाबू में रखें: यह उनके लिए ज़्यादा शुद्ध तरीक़ा होगा। अल्लाह अच्छी तरह से जानता है, हर वो चीज़ जो वे किया करते हैं। (24: 30)
और ईमानवाली औरतों से कह दें कि वे भी (पराए मर्दों के सामने) अपनी नजरें नीची रखें और अपने गुप्त अंगों को क़ाबू में रखें, और अपने बनाव-श्रृंगार न दिखाया करें, सिवाय (चेहरे और हाथ-पाँव के) वे हिस्से जो देखने में आ जाते हैं; और उन्हें चाहिए कि अपनी ओढ़नियों के आंचल अपने सीनों पर डाल लिया करें, और अपने बनाव-श्रृंगार किसी पर ज़ाहिर न करें सिवाए अपने पतियों के या अपने बाप के या अपने ससुर के या अपने बेटों के या अपने पतियों के बेटों के या अपने भाइयों के या अपने भतीजों के या अपने भांजों के या मेल-जोल की औरतों के या जो उनकी अपनी लौंडी/ग़ुलाम हो, या उन (बूढ़े) नौकरों के जिनमें सेक्स की इच्छा बाक़ी न रही हो, या उन कमसिन लड़कों के जो अभी औरतों के छिपे हुए अंगों से परिचित न हों; और वे अपने पाँव ज़मीन पर पटक-पटककर न चलें कि अपना जो श्रृंगार [पायल/पाज़ेब] उन्होंने छिपा रखा हो, वह सबको मालूम हो जाए। ऐ ईमानवालो! तुम सब मिलकर अल्लाह से तौबा करो, ताकि तुम्हें कामयाबी मिल सके। (24: 31)
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