Thematic Quran: औरतों का पर्दा करना :





औरतों का पर्दा करना :


ऐ नबी! आप अपनी बीवियोंअपनी बेटियों और ईमानवाली औरतों से कह देंकि वे (घर से बाहर निकलते वक़्त) ऊपर से पहने जानेवाले कपड़े [Outer garments] को इस तरह ओढ़ लें कि वह नीचे तक लटकता रहेताकि वे (शरीफ़ औरतों के रूप में) पहचान ली जाएं और कोई उनके साथ छेड़-छाड़ न करे : अल्लाह बहुत माफ़ करनेवालाबेहद दयावान है.  (33: 59)

बड़ी-बूढ़ी औरतें जिन्हें अब निकाह करने की उम्मीद बाक़ी नहीं रहीअगर वे बिना अपना बनाव-श्रृंगार दिखाए हुए अपने ओढ़ने के कपड़े (चादरें) उतारकर रख देंतो उनके लिए इसमें गुनाह की कोई बात नहींफिर भी अगर वे (चादर उतारने से) बचेंतो उनके लिए ज़्यादा अच्छा होगा : अल्लाह सब कुछ सुननेवालासब कुछ देखनेवाला है। (24: 60)

[ऐ रसूल]ईमान रखनेवाले मर्दों से कह दें कि (परायी औरतों के सामने) अपनी नजरें नीची रखा करेंऔर अपने गुप्त अंगों (private parts) को क़ाबू में रखें : यह उनके लिए ज़्यादा शुद्ध तरीक़ा होगा। अल्लाह अच्छी तरह से जानता हैहर वो चीज़ जो वे किया करते हैं। (24: 30)

और ईमानवाली औरतों से कह दें कि वे भी (पराए मर्दों के सामने) अपनी नजरें नीची रखें और अपने गुप्त अंगों को क़ाबू में रखेंऔर अपने बनाव-श्रृंगार न दिखाया करेंसिवाय (चेहरे और हाथों के) वे हिस्से जो देखने में आ जाता है;
और उन्हें चाहिए कि अपनी ओढ़नियों के आंचल अपने सीनों पर डाल लिया करेंऔर अपने बनाव- श्रृंगार किसी पर ज़ाहिर न करें सिवाय अपने पतियों के या अपने बाप के या अपने ससुर के या अपने बेटों के या अपने पतियों के बेटों के या अपने भाइयों के या अपने भतीजों के या अपने भांजों के या मेल-जोल की औरतों के या जो उनकी अपनी लौंडी/ग़ुलाम होंया उन नौकरों के जिनमें सेक्स की इच्छा बाक़ी न रही होया उन कमसिन लड़कों के जो अभी औरतों के छिपे हुए अंगों से परिचित न हों
और वे अपने पाँव ज़मीन पर पटक पटक कर न चलें कि अपना जो श्रृंगार उन्होंने छिपा रखा होवह सबको मालूम हो जाए। ऐ ईमानवालो! तुम सब मिलकर अल्लाह से तौबा करोताकि तुम्हें कामयाबी मिल सके।  (24: 31)




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