Thematic Quran/ क़ुरआन का विषयवार अध्ययन : अनदेखी चीज़ें : मरने के बाद दोबारा उठाया जाना

 Thematic Quran/ क़ुरआन का विषयवार अध्ययन  


अनदेखी चीज़ें


मरने के बाद दोबारा उठाया जाना


तुम अल्लाह (और उसकी बंदगी करने) से कैसे इंकार कर सकते होजबकि तुम बेजान थे तो उसने तुम्हें ज़िंदगी दीफिर वही है जो तुम्हें मौत देगाफिर मरने के बाद दोबारा ज़िंदा करेगाफिर अंत में उसी के सामने तुम्हें लौटना है? (2: 28)

 उन लोगों ने अल्लाह की क़समें खाकर कड़ी प्रतिज्ञाएं ली हैं कि मरे हुए लोगों को अल्लाह दोबारा (ज़िंदा करके) नहीं उठाएगा। मगर वह ऐसा ज़रूर करेगा--- यह तो एक पक्का व अटूट वादा है, मगर अधिकतर लोग यह बात नहीं समझते----(16: 38)

 लोगो! अगर तुम्हें (मर के) दोबारा जी उठने के बारे में कोई सन्देह हो तो (याद रखो!), कि हमने तुम्हें (पहले) मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य [sperm] की बूंद से, जो फिर जोंक की तरह सटी हुई चीज़ बन जाती है, फिर गोश्त का लोथड़ा बन जाता है जिसमें (कभी) पूरी शक्ल बन जाती है और (कभी) पूरी नहीं बनती: यह इसलिए कि हम चाहते हैं कि हमारी शक्ति व क़ुदरत (के करिश्मे) तुम्हारी समझ में ठीक से आ जाएं। फिर जिस वीर्य को हम चाहते हैं, उसे (औरत के) गर्भ में एक नियत समय तक ठहराए रखते हैं, फिर तुम्हें एक बच्चे के रूप में बाहर लाते हैं और फिर तुम बड़े होते हुए अपनी जवानी की अवस्था को पहुँच जाते हो। तुममें से कुछ लोग तो (बुढ़ापे से) पहले ही मर जाते हैं, और कुछ लोग (बुढ़ापे की) इतनी उम्र तक ज़िंदा बचे रहते हैं कि जो कुछ वे जानते थे, सब भुला बैठते हैं। कभी कभी तुम देखते हो कि ज़मीन सूखी-बेजान पड़ी है, फिर जब हम उसपर पानी बरसा देते हैं, तो अचानक लहलहाने और उभरने लगती है और उसमें हर क़िस्म की ख़ुशनुमा चीज़े उग आती हैं:   (22: 5)

ऐसा इसलिए है कि अल्लाह ही सच्चाई है; वह मुर्दों को फिर से ज़िंदा करता है; उसे हर चीज़ करने की ताक़त है। (22: 6)


इस बात में कोई संदेह नहीं कि क़यामत की घड़ी आकर रहेगी, और न इसमें कोई शक है कि अल्लाह मुर्दों को उनकी क़ब्रों से उठा खड़ा करेगा,  (22: 7)

 और फिर क़यामत के दिनतुम दोबारा ज़िंदा करके उठाए जाओगे। (23: 16)

 तुम सबको पैदा करना और फिर दोबारा ज़िंदा करके उठाना (अल्लाह के लिए) तो बस ऐसा है, जैसे किसी एक आदमी को पैदा करना और फिर ज़िंदा उठाना: अल्लाह सब कुछ सुनता और हर चीज़ देखता है। (31: 28)

 उसकी अन्य निशानियों में यह भी है: तुम देखते हो कि धरती (सूखे से) मुरझाई पड़ी हैफिर ज्यों ही हमने उस पर पानी बरसाया कि उसमें हलचल आ गयी और फिर फलने-फूलने लगी। हक़ीक़त यह है कि जिसने उस (मुरझाई हुई) धरती को फिर से ज़िंदा कर दियावही मुर्दों को भी (क़यामत में दोबारा) ज़िंदा करने वाला है। वह हर चीज़ (करने) की ताक़त रखता है।  (41: 39)

विश्वास न करनेवाले यह दावा करते थे कि मरने के बाद वे दोबारा नहीं उठाए जाएँगे। (ऐ रसूल) आप कह दें, "हां, क़सम है मेरे रब की! तुम ज़रूर उठाए जाओगे, और तब तुम्हें वे सारी चीज़ें बता दी जाएंगी, जो कुछ तुमने किया होगा: अल्लाह के लिए यह बहुत आसान काम है।" (64: 7)

 

 

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