Thematic Quran: ज़कात [दान] / Alms [Charity] देना :
ज़कात [दान] / Alms [Charity] देना : हमने उन सब (रसूलों/ Messengers ) को (लोगों का) नायक बनाया जो कि वे हमारे आदेश से लोगों को मार्ग दिखाते थे , और हमने उन्हें वही ' [revelation] द्वारा भलाई के काम करने , नमाज़ को पाबन्दी से अदा करने और (ग़रीबों को) ज़कात [alms] देने के लिए प्रेरित किया था : वे हमारे सच्चे व पक्के बंदे थे जो इबादत में लगे रहते थे . (21: 73) ( लोगो) , पाबंदी से नमाज़ पढ़ा करो , ( सही-सही) ज़कात [Alms] दिया करो , और रसूल की आज्ञा माना करो , ताकि तुम पर दया की जाए। (24: 56 ) “ मैं अपनी रहमत [mercy] उन लोगों के हक़ में लिखूँगा जो बुराइयों से बचते हैं , और बराबर ज़कात [charity] देते है ; और जो हमारी आयतों में विश्वास रखते हैं ; (7: 156 ) ( ईमानवाले वे हैं) जो नमाज़ को पाबंदी से अदा करते हैं , और (ज़रूरतमंदों को) ज़कात [alms] देते हैं , और आनेवाले जीवन [आख़िरत / पर...