Thematic Quran: क़यामत-II
Thematic Quran क़यामत-II और उस दिन कर्मों के वज़न को सही-सही और इंसाफ के साथ तौला जाएगा : जिनके अच्छे कर्मों का पलड़ा भारी निकला, तो वही हैं जो कामयाब हो गए, (7: 8 ) और जिनके अच्छे कर्मों का पलड़ा हल्का निकला, तो ये वही लोग होंगे जो हमारे संदेशों को मानने से इंकार करते रहे, और नतीजे में अपने आपको घाटे में डाल बैठे। (7: 9 ) क़यामत के दिन हम इंसाफ़ का तराज़ू लगा देंगे ताकि किसी के साथ थोड़ा भी ज़ुल्म न हो पाए, यहाँ तक कि अगर कोई (कर्म) राई के दाने के (वज़न के) बराबर भी हो, तो हम उसे भी सामने ला खड़ा करेंगे--- और हिसाब रखने के लिए हम काफ़ी हैं. (21: 47 ) फिर जिनके पलड़े अच्छे कर्मों से भारी हुए तॊ वही हैं जो कामयाब हो जाएंगे, (23: 102 ) मगर वे लोग जिनके पलड़े हल्के हुए, तो वही हैं जिन्होंने अपने आपको बर्बादी में डाल दिया और वे हमेशा के लिए जहन्नम में रहेंगे---- (23: 103 ) तो वह आदमी जिसके (अच्छे कर्मों) के पल्ले भारी होंगे, (101: 6) उसका जीवन मनपसंद खुशी में होगा, (101: 7) मगर जिस आदमी के (अच्छे कर्मों) के पल्ले हल्के होंगे, (101: 8) तो उसका ठिकान...